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पित्त की पथरी के मरीज़ अपना ख़याल कैसे रखें..

पित्त की पथरी के मरीज़ अपना ख़याल कैसे रखें?

अगर आपको पित्त की पथरी (Gallstones) की समस्या है, तो सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर आप अपने स्वास्थ्य का अच्छे से ख़याल रख सकते हैं।

 

1. सही खान-पान अपनाएँ

 

✅ तली-भुनी और ज्यादा चिकनाई वाली चीजें ना खाएँ – ज्यादा तेल और फैट वाली चीजें (जैसे समोसा, पूड़ी, पकौड़े, घी, मक्खन) खाने से पित्त की समस्या बढ़ सकती है।

✅ फाइबर युक्त आहार लें – साबुत अनाज (जैसे दलिया, ब्राउन राइस), हरी सब्ज़ियाँ और फल (सेब, नाशपाती) पाचन को सुधारते हैं।

✅ डेयरी प्रोडक्ट्स कम करें – फुल-फैट दूध, चीज़, और क्रीम जैसी चीजें कम मात्रा में लें।

✅ अधिक पानी पिएं – दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी ज़रूर पिएं।

✅ छोटी-छोटी मील्स लें – एक साथ बहुत ज्यादा खाने की बजाय दिन में 4-5 बार थोड़ा-थोड़ा खाएँ।

 

2. जीवनशैली में बदलाव करें

 

✔ व्यायाम करें – हल्की फुल्की कसरत या वॉक करने से पाचन सही रहता है और पित्त की थैली पर दबाव कम होता है।

✔ तेज़ी से वजन कम न करें – बहुत जल्दी वजन घटाने से पित्त की पथरी बन सकती है, इसलिए धीरे-धीरे और सही तरीके से वजन कम करें।

✔ तनाव से बचें – योग, ध्यान (मेडिटेशन) और अच्छी नींद से शरीर स्वस्थ रहता है।

 

3. डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है

 

➡ अगर आपको बार-बार पेट दर्द, उल्टी या गैस की समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से ज़रूर मिलें।

➡ कुछ मामलों में सर्जरी (गॉलब्लैडर निकालना) ही पथरी का स्थायी इलाज हो सकता है।

➡ कुछ घरेलू नुस्खे जैसे मूली का रस, सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar), और पुदीने की चाय कुछ लोगों को राहत देते हैं, लेकिन इन्हें लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

 

सही खान-पान, नियमित व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप पित्त की पथरी की समस्या को काफ़ी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। अगर दर्द बढ़ रहा हो, तो लापरवाही न करें और तुरंत

डॉक्टर से संपर्क करें।

 

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